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मंगलवार, 27 सितंबर 2022

 आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में हार्ट अटैक की बीमारी बहुत तेजी से बढ़ रही है इसका शिकार नौजवान वह कम उम्र के लोग भी हो रहे हैं इसका कारण क्या है आज हम इस बारे में आपको बताएंगे इससे पहले की आपको यह जानकारी सही लगे तो इसे शेयर भी कीजिए क्योंकि इस पोस्ट के माध्यम से मैं आपक हार्ट अटैक से बचने के उपाय बताऊंगा। 

हार्ट अटैक होने के पांच कारण

1- physical activity का ना करना

2- फास्ट फूड का अधिक सेवन

3- शराब का सेवन, धूम्रपान करना

4- रिफाइंड ऑयल व सफेद नमक का सेवन

5- स्टेरॉयड का लंबे समय तक सेवन


1- व्यायाम न करना

हार्ट अटैक का जो सबसे बड़ा कारण है उनमें से एक है हमारा फिजिकल एक्टिविटी का ना होना इसकी वजह से हमारे शरीर में खून का प्रेशर कम हो जाता है और हमारे हर्ट पर बहुत ज्यादा जोर पड़ने लगता है जिसकी वजह से हमें हर्ट अटैक होने की संभावना बढ़ जाती है। Heart attack से बचने के लिए रोज 30 मिनट का व्यायाम जरूर करे। 

2- फास्ट फूड का सेवन

बर्गर पिज्जा मोमोज वेज चाउमीन का सेवन आजकल युवा बहुत अधिक मात्रा में कर रहे हैं जिसकी वजह से कम उम्र में ही हार्ट अटैक होने की संभावना बढ़ जाती है क्योंकि फास्ट फूड के अंदर जो मेरे से बना होता है वह उसके अंदर ट्रांसपेरेंट फूड होता है जो हमारे क्वालिट्रोल को बढ़ाता है और यह हार्ट अटैक का सबसे बड़ा कारण होता है अगर आप इससे बचना चाहते हैं तो आज से ही फास्ट फूड का सेवन बंद करें और अपने आप को हर्ट अटैक होने से बचाएं

3- शराब व स्मोकिंग

जो बहुत अधिक मात्रा में सिगरेट का सेवन करते हैं उनके खून में रक्त गाढ़ा हो जाता है जिसकी वजह से वह हमारी खून की नदियों में सही से प्रवाह नहीं कर पाता और इसकी वजह से हमारे दिल पर बहुत प्रभाव पड़ता है जिससे कि दिल को अपनी क्षमता से अधिक कार्य करना पड़ता है इससे हमारा हाई ब्ल प्रेशर हो जाता हैं जो heart  attack का सबसे बड़ा कारण बनता है। 

4- रिफाइंड ऑयल व सफेद नमक का सेवन

रिफाइंड ऑयल के सात से हमारे शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है जिससे कि खून गाढ़ा हो जाता है और वह हमारी खून की नदियों में सही से बहन ही पाता जिसकी वजह से हार्ट अटैक होने की संभावना बढ़ जाती है इसी के साथ साथ सफेद नमक के सेवन से हमारे जो ब्लड प्रेशर है वह हाई हो जाता है ब्लड प्रेशर के हाई होने से हमारी दिल की मसल्स पर बहुत ज्यादा जोर पड़ता है जिसकी वजह से हर्ट अटैक आ जाता है इससे हमारे दिल की जो चलता है वह भी कमजोर होती है। 

5- स्टेरॉयड का सेवन

बहुत से जिम करने वाले लड़के अपनी बॉडी बनाने के चक्कर में स्टेरॉयड का इस्तेमाल करते हैं यह एस्टेरोइड हमारे शरीर की अन्य बीमारियों के साथ साथ हमारे दिल को भी कमजोर करता है और हमारे शरीर में हाई बीपी को बढ़ाता है जो कि आगे चलकर हर्ट अटैक का कारण बनता है कभी-कभी किसी बीमारी में लंबे समय तक की स्टूडेंट खाने से यह बिना डॉक्टर की सलाह के एस्ट्रॉयड का सेवन करने से भी हर्ट अटैक की संभावना बढ़ जाती है इनसे बच इससे बचने के लिए आप डॉक्टर की सलाह में ही दवाई का सेवन करें अन्यथा आप बीमार पड़ सकते हैं आपको यह पोस्ट कैसी लगी मुझे कमेंट करके बताएं और इसे अधिक से अधिक शेयर कीजिए धन्यवाद

गुरुवार, 28 जून 2018

महिलाओं के लिए सबसे खतरनाक देश-

महिलाओं के लिए हुए एक सर्वे ने सबके होश उड़ा दिए यह बहुत चोकाने वाला है,इस इंटरनेशनल हुए सर्वे में की रिपोर्ट के मुताबिक भारत मे महिला से जुड़ी सुरक्षा, यौन उत्पीड़न, जबरदस्ती बंधक बनाकर काम कराना इन सब का सर्वेक्षण किया गया और दुनिया मे भारत को पहला स्थान इस सूची में दिया गया है।
548 जानकारों कि टीम ने यह रिपोर्ट तैयार कि इसमें भारत के बाद दूसरे नम्बर पर अफगानिस्तान औऱ तीसरे नम्बर पर सीरिया है। यह बहुत दुख की बात है भारत सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली उनके लिए अब तक कुछ नही कर पाई है। भारत मे हर रोज ब्लात्कार की घटनाएं हो रही और हमारी सरकार धर्म के नाम पर राजनीति कर रही है,एक बार इस पर विचार करना जरूरी है। थॉमस फाउंडेशन ने यह सर्वे किया है।
जानकारों की माने तो भारत मे महिलाओं के लिए अपराधों से निपटने के लिए कोई कोशिश नही की गई है। जिसकी वजह से भारत के हालात खराब हो गए है,इस रिपोर्ट में भारत, लीबिया और म्यामार को मानव तस्करी के मामले में दुनिया मे सबसे ज्यादा खतरनाक माना गया है। सात साल पहले जब यह सर्वे हुआ था तो भारत को इस सूची में चौथे नम्बर पर रखा गया था। उस समय पाकिस्तान सबसे खतरनाक देश था, तथा अफगानिस्तान, कांगो, और सोमालिया सबसे खतरनाक देश थे। इस बार पाकिस्तान छठे नम्बर पर है।

दुनिया के सबसे खतरनाक 10 देश--


1- भारत

2-अफगानिस्तान

3-सीरिया

4- सोमालिया

5- सऊदी अरब

6- पाकिस्तान

7-कांगो

8- यमन

9- नाइजीरिया

10- अमेरिका 

बुधवार, 27 जून 2018

भारतीय रुपये को रामदेव और रविशंकर की सख़्त ज़रूरत है, मोदी से नहीं होगा

श्री श्री रविशंकर का एक पुराना ट्विट इंटरनेट पर घूमता रहता है। उन्होंने कहा था कि यह जानकर ही ताज़गी आ जाती है कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनते ही एक डॉलर की कीमत 40 रुपये हो जाएगी। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बने चार साल से ज़्यादा हो रहे हैं और रुपया कभी 40 के आस पास नहीं पहुंचा।

इस बात को लेकर किसी को आहत होने की ज़रूरत नहीं है। यह कत्तई ज़रूरी नहीं है कि आप जनता से झूठ भी बोलें और करके भी दिखा दें। बस इतना ध्यान में रखें कि चुनावी साल में लोग कैसी कैसी मूर्खतापूर्ण बातें करते हैं और लोगों को उल्लू भी बना लेते हैं। वैसे अगर रविशंकर कुछ कर सकते हैं तो उन्हें करना चाहिए ताकि अमरीका और चीन के चक्कर में भारतीय रुपया और न लुढ़क जाए।

अभी तक भारतीय रुपये का रिकार्ड 28 अगस्त 2013 का बताया जाता है जब एक डॉलर की कीमत 68 रुपये 83 पैसे हो गई थी। बुधवार को 68 रुपये 63 पैसे हो गई। बहुत दूरी नहीं रह गई है। कहीं ऐसा न हो जाए कि मोदी के राज में रुपया मनमोहन के राज से भी कमज़ोर हो जाए और रामदेव और रविशंकर को शर्मिंदा होना पड़े। इसलिए दोनों को बोलना चाहिए कि प्रधानमंत्री मोदी के कारण उनकी ज़ुबान ख़ाली जा रही है। तब दोनों आर्थिक मामले में कितनी दिलचस्पी लेते थे, संकट तो वही है, फिर अचानक से क्यों मुंह मोड़ लिया है, यह देश की अर्थव्यवस्था के लिए ठीक नहीं है।

“प्रधानमंत्री बहुत अच्छी तरह से समझते हैं कि हम ईरान को लेकर कहां खड़े हैं। उन्हें इस पर सवाल नहीं किया न इसकी आलोचना की। वे समझ गए हैं और वे यह भी समझते हैं कि अमरीका के साथ संबंध मज़बूत हैं और महत्वपूर्ण हैं और इन्हें बनाए रखने की ज़रूरत है।“

प्रधानमंत्री मोदी के बारे में संयुक्त राष्ट्र में अमरीका की राजदूत निक्की हेली का बयान ध्यान से पढ़िए। कितने प्यार से चेतावनी रही हैं। भारत के दौरे पर आईं हेली ने साफ साफ कहा है कि भारत को ईरान से तेल का आयात बंद करना पड़ेगा। भारत ईरान से काफी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करता है। सस्ता भी पड़ता है। चाबहार में बंदरगाह भी बना रहा है जो भारत के लिए महत्वपूर्ण है। अमरीका ने इतना कहा है कि वह यह देखेगा कि चाबहार पोर्ट को इस्तमाल कर सकता है मगर नवंबर के बाद से अमरीका ईरान पर प्रतिबंध को लेकर गंभीर हो जाएगा। अगर ऐसा हुआ तो भारत के लिए नई चुनौती खड़ी होगी।

भारतीय रिज़र्व बैंक की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट(FSR) आई है। इसमें बैंकों के लोन के एनपीए में बदलने को लेकर फिर से चिन्ता जताई गई है। अगर सबकुछ ऐसा ही चलता रहा तो मार्च 2019 तक सभी बैंकों का एन पी ए उनके दिए गए लोन का 12.2 प्रतिशत हो जाएगा। अगर ऐसा हुआ तो 2000 के बाद यह सबसे अधिक होगा। वैसे अंतर्राष्ट्रीय हालात को देखते हुए एनपीए 13.3 प्रतिशत तक भी जा सकता है।

बिजनेस स्टैंडर्ड ने अपने संपादकीय में लिखा है कि इसे देखकर नहीं लगता कि एन पी ए को कम करने के जो भी उपाय किए गए हैं उनका कुछ असर हुआ है। आपको याद हो कि वित्त मंत्री ने बैंकों को बचाने के लिए कई हज़ार करोड के पैकेज देने की बात कही थी और दिया भी गया है। दीवालिया और विलय को लेकर जो नया कानून बना है उसका भी इस संकट को कम करने में बहुत शानदार रिकार्ड नहीं है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में 706 मामले हैं जिनमें से अभी तक 176 का ही निपटारा हुआ है। जिस स्केल का यह सकंट है उसे देखते हुए नहीं लगता है कि ये सब कदम काफी होंगे। ऐसा बिजनेस स्टैंडर्ड ने लिखा है। 

27 जून केबिजनेस स्टैंडर्ड में एक ख़बर छपी है जिस पर ध्यान जाना चाहिए। चीन ने लंका को कर्ज़ दे दे कर वहां अपनी घुसपैठ बना ली है। चीन ने लंका के हंबनतोता में बंदरगाह बनाने के लिए कर्ज़ दिया है। भारत को इसकी व्यावहारिकता में संदेह था इसलिए कर्ज़ नहीं दिया था। चीन अब लंका पर कर्ज़ा चुकाने का दबाव बनाने लगा। ये हालत हो गई कि लंका ने 99 साल के लिए बंदरगाह और 15000 एकड़ ज़मीन लीज़ पर दे दी है। इतिहास में इन्हीं रास्तों से मुल्कों पर कब्ज़े हुए थे। बताने की ज़रूरत नहीं है। अब इस बंदरगाह पर चीन का नियंत्रण हो गया है। ज़ाहिर है लंका के सामने भारत है तो भारत को चिन्ता करनी पड़ेगी।

शुक्रवार, 13 अप्रैल 2018

आसिफ़ा की हत्या और बलात्कार पर चुप्पी का नेता कौन है

क्या आप अंग्रेज़ी में छपने वाली OPEN पत्रिका में राहुल पंडिता और ndtv.com पर नज़ीर मसूदी का लेख पढ़िएगा? मैं आपकी चुप्पी को समझता हूं, जानवर बन जाने के बाद आपका बोलना भी बेकार है। इससे पहले कि आप अक्षरों को भी हिन्दू मुसलमान की तरह पहचानने लगे, क्या उम्मीद की जा सकती है कि नीचे लिखे गए विवरण को आप पढ़ेंगे? कोशिश कीजिए। मैंने राहुल पंडिता और नज़ीर मसूदी की रिपोर्ट का सार आप हिन्दी वालों के लिए पेश करने की कोशिश की है। 

2010 में मोहम्मद यूसुफ़ ने अपनी बहन की बेटी आसिफ़ा को गोद ले लिया था। बकरवाल घुमंतू समुदाय के यूसुफ़ ने जम्मू को अपना ठिकाना बना लिया था जहां पांच साल से इस समुदाय को लेकर डोगरा हिन्दुओं के मन में आबादी का भय खड़ा किया जा रहा था। रोहिंग्या मुसलमानों के यहां बसाए जाने से भी इसे हवा मिली कि आबादी का संतुलन बदल रहा है। आप जानते हैं कि आबादी का भय कौन खड़ा करता है। इनके भीतर ज़हर का फेन ऊपर आने लगा कि कहीं जम्मू में भी मुसलमान न भर जाएं। जैसे देश के भीतर मुसलमानों के लिए कोई देश ही नहीं है। राहुल पंडिता ने लिखा है कि हिन्दू और बकरवाला के बीच तनाव बढ़ने लगा। शक और नफ़रत ने आठ साल की बच्ची आसिफ़ा को अपना शिकार बना लिया। आप चार्जशीट पढ़िए तो आपके भीतर बैठी उस भीड़ का ख़ौफ़नाक़ चेहरा नज़र आने लगेगा।

चार्जशीट में लिखा है कि इस हत्या में मंदिर का पुजारी 60 साल का सांझी राम और पुलिस अफ़सर दीपक खजुरिया शामिल है। इलाक़े से बकरवाल को भगाने की प्लानिंग कर रहे सांझी राम की नज़र कई दिनों से इस बच्ची पर थी। आसिफ़ा अक्सर टट्टूओं को चराने ले जाती थी। सांझी राम ने यह प्लान दीपक खजुरिया, अपने बेटे और भतीजे से साझा किया। यह भतीजा 18 साल से कम है, इसलिए यहां भतीजा ही कहूंगा, नाम नहीं लूंगा। तीन महीने पहले ही भतीजे को एक लड़की के साथ ग़लत व्यवहार के लिए स्कूल से निकाला गया था।

पुलिस अफ़सर दीपक खजुरिया दवा की दुकान पर जाता है और बेहोशी की दवा ख़रीद लाता है। उसके बाद भतीजे से कहता है कि वह आसिफ़ा को अगवा कर लाएगा तो चोरी से इम्तहान पास करने में उसकी मदद कर देगा। भतीजा अपने दोस्त परवेश कुमार को बताता है। 9 जनवरी को भतीजा और परवेश जाते हैं और नशे के चार डोज़ ख़रीदते हैं। मैंने बार बार कहा है कि नफ़रत की यह राजनीति आपको या आपके बच्चे का इस्तमाल करेगी और हत्यारा बना देगी। देखिए कैसे दो बच्चों का इस्तमाल होता है।

10 जनवरी को भतीजा को सुनाई देता है कि आसिफ़ा किसी औरत से अपने टट्टुओं के बारे में पूछ रही है। वह आसिफ़ा को बताता है कि उसने जंगलों में घोड़ों को देखा है। परवेश और भतीजा उसके साथ हो लेते हैं। पुलिस के अनुसार आसिफ़ा को कुछ शक होता है और वह भागने लगती है। भतीजा उसे पकड़ लेता है और धक्का देकर ज़मीन पर गिरा देता है। उसे ज़बरन ड्रग दे देता है। आसिफ़ा बेहोश हो जाती है। भतीजा उसका बलात्कार करता है। उसके बाद परवेश भी बलात्कार करने की कोशिश करता है मगर नहीं कर पाता है।

आसिफ़ा को उठा कर एक छोटे मंदिर में ले जाया जाता है, जिसका पुजारी सांझी राम है। अगले दिन दीपक खजुरिया और राम का भतीजा उसे देखने आते हैं। खजुरिया उसके मुंह में बेहोशी का दो टेबलेट ठेल देता है। शाम को भतीजा सांझी राम के बेटे को फोन करता है. जो मेरठ में कृषि स्नातक की पढ़ाई पढ़ रहा था। उसे कहता है कि अपनी प्यास बुझाना चाहते हो तो जल्द आओ। अगली सुबह विशाल जम्मू पहुंच जाता है और दो घंटे बाद आसिफ़ा को तीन टेबलेट दिए जाते हैं। उसे अब तक कुछ भी खाने को नहीं दिया गया है।

अब सांझी राम एक और पुलिस वाला तिलक राम को विश्वास में लेता है। 12 जनवरी की दोपहर आसिफ़ा के पिता मोहम्मद यूनूस पुलिस में केस दर्ज करते हैं। पुलिस तलाश पर निकलती है, उस टीम में दीपक खजुरिया और तिलक राम दोनों हैं। इन्हें बचाने के लिए बीजेपी के दो मंत्री और पार्टी के नेता सीबीआई की जांच की मांग का ढोंग रचते है और वहां हिन्दू एकता मंच का निर्माण होता है जिसके साथ ये लोग खड़े होते हैं। 

सांझी राम अपनी बहन के यहां जाता है और कहता है कि उसके बेटे ने किसी लड़की अगवा किया है। बचाने के लिए पुलिस को रिश्वत देनी है। बहन से डेढ़ लाख लेकर आता है और तिलक राम को देता है। इसके ज़रिए पांच लाख देने की बात होती है जिसमें सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता को भी हिस्सेदार बनाया जाता है। आनंद दत्ता भी एक आरोपी है।

13 जनवरी को लोहड़ी के दिन सांझी राम, उसका बेटा और भतीजा मंदिर जाते हैं और पूजा करते हैं। सांझी राम के जाने के बाद उसका बेटा आसिफा का बलात्कार करता है। फिर उसका छोटा भाई बलात्कार करता है। बलात्कार करने के बाद आसिफ़ा को तीन टेबलेट दिए जाते हैं। पुलिस ने बाकी टेबलेट बरामद कर लिए हैं।

लोहड़ी की शाम को सांझी राम सबको बताता है कि लड़की को मारने का वक्त आ गया है। उस रात आसिफ़ा को एक पुलिया के नीचे ले जाते हैं। तभी खजुरिया पहुंचता है और कहता है कि मारने से पहले एक और बार बलात्कार करना चाहता है। वह बलात्कार करता है। उसके बाद अपनी बायीं जांघ के नीचे आसिफ़ा का गर्दन दबाने की कोशिश करता है। नहीं कर पाता है। सांझी राम का भतीजा आता है और चुन्नी से उसकी गर्दन कस देता है। उसके पांव पीछे से मोड़ कर तोड़ देता है। आसिफ़ा मर गई है, यह पुख़्ता करने के लिए दो बार पत्थर से उसके सर पर मारता है।

लाश फिर से मंदिर में ले जाई जाती है। 15 जनवरी की सुबह जंगल में फेक दी जाती है। नज़ीर मसूदी ने लिखा है कि कोर्ट में वकीलों ने इतना हंगामा किया कि छह घंटे लग गए पुलिस को चार्जशीट दायर करने में। आसिफ़ा के ख़ून से सने कपड़े ग़ायब कर दिए जाते हैं। जिस डाक्टर ने पोस्ट मार्टम की रिपोर्ट तैयार की, उसका तबादला हो जाता है। एस एस पी रमेश जल्ला ने बताया है कि वे हर हफ्ते हाई कोर्ट को स्टेटस रिपोर्ट दे रहे थे।

अब यहां से स्थानीय समाज अपनी मृत्यु का प्रमाण देता है। बाप यूसुफ़ अपनी ज़मीन में बेटी को दफ़नाना चाहता है मगर लोग दफ़नाने नहीं देते हैं। आसिफ़ा को अल्लाह ने आख़िरत के लिए दो ग़ज़ ज़मीन न दी और मंदिर में खड़े भगवान ने उसकी लाज नहीं बचाई। हम धर्म के नाम पर हैवान बने जा रहे हैं। यूसुफ़ 8 मील दूर गांव में आसिफ़ा की लाश को लेकर जाते हैं और दफ़न करते हैं। वहीं पर हमारी और आपकी अंतरात्मा भी दफ़न है।

क़ायदे से अभी तक जांच पर सवाल उठाने वाले बीजेपी के दो मंत्रियों को मंत्रिमंडल से निकाल देना चाहिए था। सीबीआई जांच की मांग का ढोंग खेला गया। यह खेल बीजेपी के उपाध्यक्ष अविनाश खन्ना ने भी खेला और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी। मगर समाज क्यों चुप है, आप आगे पढ़ेंगे तो पता चलेगा। आप चुप्पी का कारण प्रधानमंत्री से नहीं, ख़ुद से पूछिए। वैसे प्रधानमंत्री से क्यों नहीं पूछा जाए कि आप क्यों नहीं बोलते हैं। देश में तब भी हज़ारों बलात्कार होते थे मगर आपने निर्भया पर बोला था कि नहीं बोला था। तो आप आसिफ़ा पर क्यों नहीं बोल पा रहे हैं।वैसे भी प्रधानमंत्री क्या बोल देंगे? वे या तो उपवास करेंगे या बकवास करेंगे। उनके बोलने में झूठे आंसू और नाटकीयता के अलावा क्या होगा।

ये लोग आपको तिरंगे की चादर में लपेट कर हिन्दुत्व का मनोवैज्ञानिक प्रशिक्षण दे रहे थे, इसलिए नहीं कि आप सात्विक और आध्यात्मिक बन जाएं, इसलिए कि किसी की हत्या के वक्त हिन्दुत्व के नाम पर आप चुप रहना सीख लें। आपकी चुप्पी ने साबित कर दिया कि ये सफल हो चुके हैं।  इस हिन्दुत्व से न आपको रोज़गार मिला, न मिलेगा, न अस्पताल मिला, न मिलेगा, न ही ईमानदार पुलिस मिलेगी, न मिली और न ही निर्भिक और बेहतर न्याय व्यवस्था मिली, न मिलेगी। बस एक भीड़ मिली जो हर हफ्ते देश के किसी कस्बे में हाथों में तलवार लिए दौड़ती नज़र आती है।

यही है विचारधारा जो आपको हर तरह से ठीक नज़र आए, इसके लिए सेना का इस्तमाल किया गया। पूर्व सैनिकों को टीवी पर बिठा कर पाकिस्तान को सामने लाया गया ताकि आप पाकिस्तान पाकिस्तान करते हुए अपने पड़ोस के मुसलमान से नफ़रत करने लगे। आप उन मुद्दों की तरफ लौट कर देखिए तो उन रास्तों पर आपकी संवेदनाओं के क़त्ल के निशान मिलेंगे। गौ रक्षा के नाम पर भीड़ ने हत्याएं की, आप चुप रहे। कहते रहे कि यह सब आपकी आस्था का सवाल है। गौ हत्या नहीं चलेगी। मानव हत्या चलेगी? मंदिर भी तो आपकी आस्था का सवाल है, तो क्या उसके भीतर बलात्कार चलेगा?  आपका ईमान नहीं डोला क्योंकि आप हत्यारे बन चुके हैं।

अब आप उस भीड़ के बिना नहीं रह सकते। इसलिए आप इस भीड़ के बग़ैर सत्ता की कल्पना करने से डरते हैं। कश्मीरी पंडितों के नाम पर आपके मन में मुसलमानों के प्रति ज़हर भरा गया। रमेश कुमार जल्ला जाबांज़ और शानदार अफ़सर के नेतृत्व में आसिफ़ा की हत्या और बलात्कार के मामले में चार्जशीट बनी है, आपको रमेश कुमार जल्ला से भी नफ़रत हो गई। आसिफ़ा के परिवार को वक़ील नहीं मिला तो दीपिका आईं जो ख़ुद एक कश्मीरी पंडित हैं। जिस समाज ने नाइंसाफियां झेली हैं, उसे पता है नफ़रत के नाम पर हत्याओं के इस अंतहीन सिलसेला का दर्द। उसके नाम पर राजनीति करने वालों ने चार साल में एक बार भी कश्मीरी पंडितों का नाम नहीं लिया, बोले भी तो एक कश्मीरी पंडित की निष्ठा पर सवाल उठाने के लिए। कमाल की राजनीति है।

रायसीना हिल्स गूगल में डाल कर देखिए, वो आपकी कारों को वहां तक पहुंचा देगा,जहां आप 2012 में गए थे। उससे पहले आप ख़ुद को नफ़रत की इस राजनीति में सर्च कीजिए, आपकी लाश नज़र आएगी, कुछ लोग नज़र आएंगे जो कह रहे होंगे कि अभी तुम नहीं मरे हो क्योंकि सवाल करने वाले बंगाल पर नहीं बोले, केरल पर नहीं बोले। अधमरे से पड़े हुए तुम चुप रहो क्योंकि तुम्हारी चुप्पी एक आदमी के राज करने के शौक को पूरा करने के लिए ज़रूरी है। उसका राज ही तुम्हारा राज है।

सोमवार, 2 अप्रैल 2018

Sc/st एक्ट के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पूरे भारत मे 2 अप्रैल को दलित संघटनों ने भारत बंद का ऐलान किया है। जिसमे देश के अलग अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है बाजार और यातायात भी बंद हो चुका है। कई जगह पुलिस ने लोगों पर लाठी चार्ज कर भीड़ को नियंत्रित करने कि कोशिश की है। हरिद्वार के बहादराबाद भेल चोक पर कई गांव से लोग इकट्ठे हुए यह करीब 1000 से 1500 से के आस पास लोग इकट्ठा हुए जो नेशनल हाईवे पर बैठकर विरोध कर रहे थे। इसी बीच बाजार भी बंद हो चुका था करीब 10 बजे शुरू हुआ यह आंदोलन 11 बजे तक काफी बड़ा हो गया था इसी बीच वहाँ पुलिस भी आ चुकी थी। हर तरफ जय भीम जय भारत, के नारे लग रहे थे संख्या इतनी ज्यादा थी कि हाइवे पूरी तरह से बंद हो चुका था।पुलिस को काफी कोशिस करने के बावजूद भी वहाँ से भीड़ नही हट पाई फिर वहा पर ओर ज्यादा पुलिस बल बुलाया गया और इसी दौरान किसी ने पथरबाजी कर दी जिससे वहाँ हड़कम्प मच गया और फिर पुलिस ने आंदोलन कर रहे लोगो पर लाठियां बरसाना शुरू कर दिया लाठी चार्ज करने के बाद वहाँ से लोग भागने लगे करीब आधे घण्टे बाद पूरी तरह से स्थिति वहाँ पर सही हुई।

तहसीलदार को दिया ज्ञापन

वहाँ मोके पर तहसीलदार पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे लोगो ने उन्हें ज्ञापन सौंपा फिर भी वहाँ से लोग जाने का नाम नही ले रहे थे और अधिक संख्या में इकट्ठे हो रहे थे।और  वहाँ से किसी को भी नही गुज़रने दिया जा रहा था। जिससे लोगो को बहुत मुश्किल हो रही थी।
ज्ञापन देने के बाद भी लोग वहां से नही हटे ओर हंगामा करते रहे जिससे स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी और पुलिस में भी हड़कंप मच गया जैसे तैसे पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने का काम करती रही। और जब वहाँ ओर लोग इकट्ठा होने शुरू हुए तो आनन फानन ओर पुलिस बल वहाँ पर बुलाना पड़ा।

एसपी जुयाल भी पहुंची लोगो ने किया विरोध


बढ़ते प्रदर्शन को देख वहाँ पर asp को भी पुलिस फ़ोर्स लेकर आना पड़ा जब वहाँ ASP रचिता जुयाल ने लोगों को समझाने की कोशिश की तो किसी ने उनकी बात नही मानी और नारे लगाने शुरू कर दिये ASP ने सभी से कहा कि आप यहाँ से इस जगह को खाली कर दीजिए और जिला कार्यालय में जाकर अपना ज्ञापन दीजिए और कहा नही तो आधे घण्टे बाद पुलिस के द्वारा कार्यवाही की जाएगी।

12 बजे पहुंचे SSP 

जब प्रदर्शन नही रुका तो करीब 12 बजे SSP वहाँ पहुंचे और लोगो को समझाने की कोशिश की पर लोग नही माने ओर प्रदर्शन करने लगे इसी बीच वहाँ पथराव होने लगा और लोग में अफरा तफरी मच गई  पुलिस ने जनता को काबू करने के लिए लाठी चार्ज कर दिया जिसमें कई लोग घायल हुए और कुछ चोट भी आयी लाठी चार्ज होते ही जनता वहाँ से भागने लगी इस बीच 10 से 12 लोग घायल हुए और चोटे आयी पुलिस के लाठी चार्ज से भी लोग घायल हुए ।